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महाराजा गुलाब सिंह से शुरू की हुई दरबार मूव परंपरा सरकार ने क्यों बंद कर दी?

महाराजा गुलाब सिंह से शुरू की हुई दरबार मूव परंपरा सरकार ने क्यों बंद कर दी?

King Gulab singh

दरबार मूव परंपरा महाराजा गुलाब सिंह के द्वारा 1862 में शुरू हुई थी इसमें 6 महीने के लिए राजधानी श्रीनगर हुआ करती थी और 6 महीने के लिए जम्मू राजधानी हुआ करती थी. यह परंपरा सरकार ने बंद कर दी

रबार मुंह से सरकारी कर्मचारियों को और कारोबारियों और मजदूरों को को क्या फायदा मिलता था?

Labor on Darbar Move Tradition

स दरबार मूव बंद होने पर आम लोगों की क्या राय है
चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्रीज के कर्मचारियों ने इस दरबार में खत्म होने पर जम्मू में 1 दिन का आह्वान भी किया था और वहां के दूध विक्रेता आलम दीन जो कि करियानी ताला क्षेत्र में अपना दूध बेचने का काम करते थे उन्होंने बताया कि वह 6 महीने जम्मू में दूध घरों में बैठते थे और 6 महीने कश्मीर में और उनसे उनको बहुत फायदा भी होता था लेकिन अब उनका यह काम बंद हो जाएगा
कितने करोड़ की बचत होगी सरकार को इस फैसले से?

Narinder Modi

जब दरबार मूव को श्रीनगर से जम्मू में भेजा जाता था तो उसके लिए सरकार को बहुत ही खर्च करना पड़ता था मसलन उनको जम्मू से श्रीनगर की सड़कें की मरम्मत करवानी पड़ती थी खराब ट्रैफिक सिग्नल उन को ठीक करने पड़ते थे. सरकारी कार्यालय जम्मू के या श्रीनगर के दोबारा से सजाने होते थे इन सब कामों के लिए और भी छोटे बड़े बहुत काम होते हैं उन को दुरुस्त करने के लिए सरकार को तकरीबन 200 करोड़ पर खर्च करने पड़ते थे इससे अब सरकार के 200 करोड़ पर बचेंगे

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